बार-बार मिसकैरेज क्यों होता है? जानिए 7 प्रमुख स्वास्थ्य कारण

गर्भावस्था की शुरुआत में गर्भपात यानी मिसकैरेज होना महिला के लिए शारीरिक और भावनात्मक रूप से बेहद कठिन अनुभव हो सकता है। एक बार मिसकैरेज कई कारणों से हो सकता है, लेकिन जब गर्भावस्था बार-बार ठहरने के बाद समाप्त हो जाए, तो इसके पीछे किसी स्वास्थ्य समस्या की जांच जरूरी हो जाती है। चिकित्सकीय रूप से बार-बार गर्भपात को Recurrent Pregnancy Loss (RPL) कहा जाता है। इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं और हर महिला में कारण एक जैसा नहीं होता।

1. भ्रूण में क्रोमोसोम संबंधी समस्या

बार-बार गर्भपात का एक प्रमुख कारण भ्रूण में क्रोमोसोम की असामान्यता हो सकती है। ऐसी स्थिति में भ्रूण का सामान्य विकास नहीं हो पाता और गर्भावस्था शुरुआती चरण में ही समाप्त हो सकती है। उम्र बढ़ने के साथ ऐसी क्रोमोसोम संबंधी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है।

2. गर्भाशय की संरचना में असामान्यता

गर्भाशय में फाइब्रॉइड, पॉलीप, जन्मजात संरचनात्मक समस्या या गर्भाशय के अंदर विभाजन जैसी स्थितियां गर्भ के सामान्य विकास को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ मामलों में इनका उपचार संभव होता है और उपचार के बाद गर्भधारण की संभावना बेहतर हो सकती है।

3. हार्मोन और थायरॉइड की गड़बड़ी

थायरॉइड विकार, अनियंत्रित डायबिटीज और कुछ अन्य हार्मोनल समस्याएं गर्भावस्था पर असर डाल सकती हैं। इसलिए बार-बार मिसकैरेज होने पर डॉक्टर आवश्यकतानुसार थायरॉइड और ब्लड शुगर जैसी जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

4. एंटीफॉस्फोलिपिड सिंड्रोम

Antiphospholipid Syndrome (APS) एक ऑटोइम्यून स्थिति है, जिसमें शरीर में बनने वाली कुछ एंटीबॉडी रक्त के थक्के बनने की प्रवृत्ति बढ़ा सकती हैं। इसका संबंध बार-बार गर्भपात और गर्भावस्था की कुछ अन्य जटिलताओं से हो सकता है।

5. सर्विक्स यानी गर्भाशय ग्रीवा की कमजोरी

कुछ महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा समय से पहले खुलने लगती है, जिसे cervical insufficiency कहा जाता है। यह विशेष रूप से गर्भावस्था के दूसरे त्रैमासिक में गर्भपात या समय से पहले प्रसव का कारण बन सकती है।

6. संक्रमण और अन्य चिकित्सकीय स्थितियां

कुछ संक्रमण और मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं गर्भावस्था को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि हर संक्रमण मिसकैरेज का कारण नहीं होता, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के स्वयं दवा लेना उचित नहीं है।

7. उम्र, जीवनशैली और अन्य जोखिम कारक

मां की उम्र, धूम्रपान, शराब, अत्यधिक मोटापा या कम वजन और कुछ अन्य जीवनशैली संबंधी कारक गर्भावस्था के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में पिता से जुड़े आनुवंशिक कारण भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं।

कब कराएं जांच?

यदि किसी महिला को बार-बार मिसकैरेज हो रहा है, तो इसे केवल कमजोरी या किस्मत से जोड़कर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्त्री रोग विशेषज्ञ आवश्यकतानुसार अल्ट्रासाउंड, हार्मोन/थायरॉइड जांच, APS टेस्ट, आनुवंशिक जांच तथा गर्भाशय की संरचना की जांच करा सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बार-बार मिसकैरेज का कारण पता चलने पर कई मामलों में उचित उपचार और निगरानी के साथ स्वस्थ गर्भावस्था संभव हो सकती है। इसलिए दोबारा गर्भधारण से पहले विशेषज्ञ से परामर्श लेना उपयोगी रहता है।
– डॉ. चित्रा सोनी, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ

India Health TV

subscribe now