जिंदगी जिंदाबाद! यह सात आदतें अपना ली तो समझो जीते जी स्वर्ग मिल गया

अच्छा स्वास्थ्य जीवन की सबसे बड़ी दौलत होता है. स्वास्थ्य से बड़ा धन कुछ नहीं. यदि रुपया-पैसा हाथ से निकल जाए तो उसे वापस पाया जा सकता है लेकिन एक बार स्वास्थ्य बिगड़ जाए तो उसे पुरानी स्थिति में लाना बहुत कठिन होता है. इसीलिए स्वास्थ्य की हिफाजत मनोयोगपूर्वक समझदारी से करना बेहद आवश्यक है.

आज ही अपनाएं यह 7 आदतें


1- सूर्योदय से पहले उठें, व्यायाम करें

जीवन में स्वस्थ रहने के लिए सबसे जरूरी है सूर्योदय से पहले उठें. नियमित व्यायाम या योग करें. आलस्य त्याग कर नियमित हल्की रनिंग या पैदल घूमने के लिए समय अवश्यक निकालें. या यों कह सकते हैं इसे अपनी आदत में डाल लें.


2- स्वास्थ्यवर्धक भोजन

अच्छे स्वास्थ्यवर्धक खानपान को जीवन का हिस्सा बनाएं. सब्जी-फल, दाल, दूध-दही का सेवन नियमित करें. परिवार के खानपान में भी इसे शामिल करें. किसी भी सूरत में चाहे कितनी भी भागदौड़ हो कामों की आपाधापी में सुबह का नाश्ता लेना ना भूलें. बासी, बाजारू, अधिक तले- भुने, मैदे की अधिक मात्रा वाला भोजन, फास्ट फूड से बचें क्योंकि इनका मानव-स्वास्थ्य के प्रतिकूल होता है, अंकुरित भोजन को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं.


3- तनाव मुक्त जीवन जीएं

छोटी छोटी बातों का तनाव लेना छोडें, विवाद को बढाने के बजाए खत्म करने पर ध्यान दें. तनावमुक्त जीवन जीएं और जीने दें. नौकरी, व्यापार, गृहस्थी, बीमारी से जुड़ी समस्याएं जीवन का हिस्सा हैं, इनको अपने ऊपर हावी ना होने दें. क्योंकि कोई भी ऐसी समस्या नहीं जिसका हल संभव ना हो. यदि आपको कोई बीमारी हो भी जाए तो उसकी चिंता करने के बजाए समय पर उपचार और नियमित दवाएं लें, चिकित्सकों से परामर्श के मुताबिक रोग निदान में ध्यान दें. बीमारी को अपने पर हावी ना होने दें.


4- कुंठीत रहना छोडें

अपने आप को अभिव्यक्त करना सीखें, कुंठीत रहने की आदतें छोड़ें. अपनी मन की बातों का लोगों से शेयर करें, लेकिन उतनी ही जितनी की दूसरा व्यक्ति उसका फायदा ना उठा सके. जो आपके बेहद करीबी हों उनसे मन की बातें शेयर कर खुद को हल्का व प्रसन्न रखें. ओवर थिंकिंग से बचें क्योंकि यह वह अवस्था है जिसमें हम जरुरत से ज्यादा सोचते हैं और जीवन को नकारात्मक डगर पर ले जाते हैं. दिमाग को शांत व चित्त को प्रसन्न रखने में कोई कसर ना छोडें.


5- नियमित स्वास्थ्य जांच

वैसे तो हर उम्र में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होती हैं लेकिन चालीस की उम्र के बाद हर साल नियमित शारीरिक जांच जरुर कराएं ताकि बीमारी का समय पर पता चल जाए और शुरुआती अवस्था में ही उस पर काबू पा लिया जाए.


6- व्यस्त रहें, मस्त रहें

खुद को व्यस्त रखें और मस्त रहें. जरुरत के मुताबिक शरीर को आराम भी दें और कम से कम आठ घंटें की अच्छी नींद जरुर लें. इससे खुद को सकारात्मक, ऊर्जा व प्रसन्नता से लबरेज पाएंगे. क्योंकि मानसिक रूप से स्वस्थ्य व्यक्ति एक सक्षम और मजबूत जीवन जीता है.


7- स्वच्छता अपनाएं

स्वास्थ जीवन जीने के लिए एक महत्वपूर्ण चीज घर व अपने आसपास के वातावरण की सफाई रखना भी है. शरीर की साफ सफाई, घर की सफाई, वस्त्रों की सफाई, घर व कार्यालय की सफाई का नियमित ध्यान रखें. दूषित वातावरण से बचें. घर के वातावरण को पेड पौधों से आच्छादित रखें.

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